
प्रेमानंद महाराज ने बताया भक्ति का मार्ग, कहा- भक्ति में जाति का बंधन नहीं
वृंदावन के संत प्रेमानंद जी महाराज ने भक्तों को संबोधित करते हुए कहा कि ईश्वर की भक्ति का किसी जाति या कुल से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि शुद्ध मन और सच्ची आस्था वाला कोई भी व्यक्ति प्रभु को पा सकता है। महाराज के अनुसार, भक्ति में अहंकार का त्याग और समर्पण ही सबसे बड़ी पात्रता है।







