
आखिर मकर सक्रांति पर खिचड़ी ही क्यों खाते है?
मकर संक्रांति पर खिचड़ी खाने की शुरुआत बाबा गोरखनाथ ने की थी। साधुओं को ताकत देने के लिए उन्होंने दाल, चावल और सब्जियाँ मिलाकर इसे बनाया था। ज्योतिष के हिसाब से खिचड़ी दान करने से ग्रहों के दोष दूर होते हैं और सूर्य देव खुश होते हैं। यह सात्विक भोजन शरीर को ऊर्जा देता है और इस वजह से सक्रांति पर खिचड़ी खाई जाती है।





