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रामायण-महाभारत काल के वो मंदिर, जहां आज भी महसूस होती है त्रेता और द्वापर की शक्ति

रामायण-महाभारत काल के वो मंदिर, जहां आज भी महसूस होती है त्रेता और द्वापर की शक्ति

भारत में कई ऐसे प्राचीन मंदिर हैं जिनका सीधा नाता हमारे पौराणिक इतिहास से है। रामेश्वरम, जहां प्रभु राम ने शिवलिंग की स्थापना की, से लेकर सोमनाथ और बद्रीनाथ तक—ये मंदिर सिर्फ आस्था के केंद्र नहीं बल्कि रामायण और महाभारत काल की जीवंत गवाही देते हैं। इन पवित्र स्थानों की यात्रा आपको इतिहास और आध्यात्मिकता के संगम से रूबरू कराती है।

उत्तर भारत में रात तो दक्षिण में सुबह क्यों होती है शादी? जानें कारण

उत्तर भारत में रात तो दक्षिण में सुबह क्यों होती है शादी? जानें कारण

भारत में शादियों के रीति-रिवाज जितने अलग हैं, उतना ही उनका समय भी। जहाँ उत्तर भारत में मुगलकालीन आक्रमणों और सुरक्षा कारणों से शादियाँ रात में होने लगीं, वहीं दक्षिण भारत में ब्रह्म मुहूर्त को सबसे शुभ माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं और परंपराओं की वजह से ही दक्षिण में सुबह के समय फेरे लेने का रिवाज आज भी बरकरार है।

पतली आइब्रो से हैं परेशान? प्याज का रस दिखाएगा जादुई असर

पतली आइब्रो से हैं परेशान? प्याज का रस दिखाएगा जादुई असर

अगर आप भी घनी आइब्रो पाना चाहती हैं, तो प्याज का रस एक रामबाण इलाज है। इसमें मौजूद सल्फर बालों की ग्रोथ बढ़ाकर उन्हें घना और काला बनाने में मदद करता है। बस रोजाना रात को रूई की मदद से इसे आइब्रो पर लगाएं और मसाज करें; एक हफ्ते में ही आपको फर्क दिखने लगेगा।

News Source: नवभारत
आपकी ये 4 आदतें बन सकती हैं बर्बादी का कारण

आपकी ये 4 आदतें बन सकती हैं बर्बादी का कारण

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, अनजाने में की गई कुछ गलतियां जैसे बिस्तर पर खाना, देर तक सोना और घर में कबाड़ रखना, दांतों से नाखून चबाना, दूसरों के कपड़े पहनना आपके वास्तु को बिगाड़ सकती हैं। ये खराब आदतें न केवल तरक्की रोकती हैं बल्कि आर्थिक तंगी और दुर्भाग्य को भी न्योता देती हैं।

News Source: आज तक
क्या सच में मोबाइल टावर से कैंसर होता है? जानें सच!

क्या सच में मोबाइल टावर से कैंसर होता है? जानें सच!

सालों से मोबाइल टावर के रेडिएशन को कैंसर की वजह माना जाता रहा है, लेकिन सरकार ने साफ किया है कि इसके कोई पुख्ता सबूत नहीं मिले हैं। सरकार के मुताबिक, भारत में रेडिएशन के नियम बहुत सख्त हैं और टावर से निकलने वाली तरंगें सेहत को नुकसान पहुँचाने वाली सीमा से काफी नीचे हैं।

20 ओवर का ही क्यों होता है फॉर्मेट? जाने असली वजह

20 ओवर का ही क्यों होता है फॉर्मेट? जाने असली वजह

क्रिकेट के सबसे छोटे फॉर्मेट को 20 ओवर का रखने की बड़ी वजह समय  है। 20 ओवर का मैच आमतौर पर 3 से 4 घंटे में खत्म हो जाता है, जिस वजह से लोग इसे आसानी से देख सकते है। अगर ओवर ज्यादा होते, तो खेल में 4 घंटे या उससे ज्यादा समय लगता। यही कारण है कि छोटा फॉर्मेट 20 ओवर का होता है।

कैसे हुई ‘बिरयानी’ की उत्पत्ति, जाने इसका राज

कैसे हुई ‘बिरयानी’ की उत्पत्ति, जाने इसका राज

बिरयानी सिर्फ खाना नहीं, बल्कि सदियों पुराना इतिहास है। इसकी जड़े फारस से जुड़ी हैं और इसे मुगल भारत लाए थे। ‘बिरियन’ शब्द से जन्मी इस डिश को लेकर मुमताज महल और तैमूर की सेना से जुड़ी कई दिलचस्प कहानियाँ हैं। शाही रसोइयों ने केसर, मसालों और ‘दम’ स्टाइल में पकाकर इसे शाही पहचान दी। आज यह शाही पुलाव से विकसित होकर भारत की खास डिश बन गई।

Zomato डिलीवरी बॉय की कमाई कितनी?

Zomato डिलीवरी बॉय की कमाई कितनी?

जोमैटो के बॉस दीपिंदर गोयल ने डिलीवरी पार्टनर्स की कमाई का पूरा कच्चा-चिट्ठा खोल दिया है। गोयल के मुताबिक, 2025 में डिलीवरी बॉय औसतन 102 रुपये प्रति घंटा कमा रहे हैं, जो पिछले साल के मुकाबले 11% ज्यादा है। इस हिसाब से अगर कोई महीने में 26 दिन 10 घंटे काम करे, तो वह हाथ में करीब 21,000 रुपये घर ले जा सकता है।

News Source: न्यूज़ 18
क्या खत्म होने वाला है ब्रह्मांड?

क्या खत्म होने वाला है ब्रह्मांड?

वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि डार्क एनर्जी, जो ब्रह्मांड को फैला रही है, अब कमजोर पड़ रही है। दक्षिण कोरियाई रिसर्च के अनुसार, अगर यह सिलसिला जारी रहा, तो ब्रह्मांड का विस्तार रुक जाएगा और ‘बिग क्रंच’ जैसी प्रलयकारी घटना हो सकती है, जिसमें सब कुछ वापस सिमट जाएगा। दशकों पुरानी यह धारणा कि ब्रह्मांड अनंत काल तक फैलता रहेगा।

माघ स्नान का महाकुंभ! जानें संगम में ‘अमृत डुबकी’ का शुभ मुहूर्त और महत्व

माघ स्नान का महाकुंभ! जानें संगम में ‘अमृत डुबकी’ का शुभ मुहूर्त और महत्व

धर्म-कर्म के लिहाज से साल 2026 की सबसे बड़ी अमावस्या यानी ‘मौनी अमावस्या’ 18 जनवरी को मनाई जाएगी। इस दिन पवित्र नदियों में स्नान और मौन व्रत रखने का विधान है। पंचांग के अनुसार, अमावस्या तिथि 18 जनवरी को रात 12:03 बजे से शुरू होकर 19 जनवरी की रात 1:21 बजे तक रहेगी। मान्यता है कि इस दिन गंगा जल अमृत बन जाता है।

News Source: न्यूज़ 18
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