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GK : भारत का इकलौता स्टेशन, जहां से पुरे देश के लिए मिलती है ट्रेन

GK : भारत का इकलौता स्टेशन, जहां से पुरे देश के लिए मिलती है ट्रेन

भारत में लगभग 8,500 रेलवे स्टेशन है, लेकिन मथुरा जंक्शन एक ऐसा स्टेशन है जहां से पुरे देश के लिए ट्रेने मिलती है। आप किसी भी राज्य के लिए ट्रैन लेना चाहते है, तो मथुरा जंक्शन सबसे आसान विकल्प है। 1875 में पहली बार यहां से ट्रैन चली थी और उसके बाद से ही यह भारतीय रेल नेटवर्क का एक अहम हिस्सा बन चूका है।

क्या अंतरिक्ष में भी चलता है Wi-Fi?, जाने वहां इंटरनेट कैसे चलता

क्या अंतरिक्ष में भी चलता है Wi-Fi?, जाने वहां इंटरनेट कैसे चलता

अंतरिक्ष में इंटरनेट के लिए नासा ‘डीप स्पेस नेटवर्क’ (DSN) और ‘स्पेस नेटवर्क’ का उपयोग करता है। यह पृथ्वी पर मौजूद विशाल एंटेना और अंतरिक्ष में चक्कर लगा रहे उपग्रहों के बीच रेडियो तरंगों के जरिए डेटा भेजता है। इसके अलावा, अब लेजर तकनीक का भी इस्तेमाल हो रहा है, जिससे डेटा ट्रांसफर की गति कई गुना बढ़ गई है, जिससे अंतरिक्ष यात्री घर बात कर पाते हैं।

किस देश ने बनाया था दुनिया का पहला किलर ड्रोन?, जानें

किस देश ने बनाया था दुनिया का पहला किलर ड्रोन?, जानें

दुनिया का पहला हमलावर यानी किलर ड्रोन बनाने का श्रेय ब्रिटेन (UK) को जाता है। प्रथम विश्व युद्ध के दौरान, 1917 में ब्रिटेन ने ‘रस्टर्न प्रॉक्टर एरियल टारगेट’ नाम का एक छोटा रेडियो-नियंत्रित विमान विकसित किया था। हालांकि, आधुनिक सशस्त्र ड्रोनों का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल अमेरिका ने वियतनाम और खाड़ी युद्ध के दौरान शुरू किया था।

जानें क्यों सैन्यकर्मी अपनी मर्जी से नहीं दे सकते इस्तीफा?

जानें क्यों सैन्यकर्मी अपनी मर्जी से नहीं दे सकते इस्तीफा?

भारतीय सेना में अनुशासन और राष्ट्रीय सुरक्षा सर्वोपरि है, इसलिए सैन्यकर्मी आम कर्मचारियों की तरह कभी भी इस्तीफा नहीं दे सकते। जानकारी के मुताबिक, सेना अधिनियम के तहत इस्तीफे के लिए ठोस कारण और वरिष्ठ अधिकारियों की मंजूरी अनिवार्य है, ताकि संवेदनशील समय में देश की सुरक्षा व्यवस्था प्रभावित न हो।

एक व्यक्ति कितने गन लाइसेंस रख सकता है? जानें भारत का नया कानून

एक व्यक्ति कितने गन लाइसेंस रख सकता है? जानें भारत का नया कानून

भारत में गन लाइसेंस के नियम अब पहले से अधिक सख्त हो गए हैं। नए कानून के अनुसार, एक व्यक्ति केवल दो कानूनी हथियार रख सकता है। सरकार ने 2019 में आर्म्स एक्ट में बदलाव कर तीसरी गन रखने की छूट खत्म कर दी थी। सभी हथियारों को एक ही लाइसेंस पर दर्ज किया जाता है, जिसे सिंगल लाइसेंस सिस्टम कहा जाता है।

मोबाइल की लत से बच्चों को कैसे बचाएं? जानें

मोबाइल की लत से बच्चों को कैसे बचाएं? जानें

आज के दौर में बच्चे किताबों से ज्यादा मोबाइल पर समय बिता रहे हैं, जो उनके मानसिक विकास के लिए चिंताजनक है। विशेषज्ञों का मानना है कि स्क्रीन टाइम सीमित करने, पढ़ाई को रोचक बनाने और बच्चों के साथ संवाद बढ़ाने से उन्हें इस लत से दूर किया जा सकता है। सही मार्गदर्शन ही बच्चों को भविष्य की ओर ले जाएगा।

GK: पानी में ज्यादा देर रहने पर क्यों सिकुड़ने लगती हैं उंगलियां? जानें

GK: पानी में ज्यादा देर रहने पर क्यों सिकुड़ने लगती हैं उंगलियां? जानें

पानी में देर तक रहने पर उंगलियों का सिकुड़ना त्वचा की नहीं, बल्कि हमारे नर्वस सिस्टम की एक स्मार्ट ट्रिक है। वैज्ञानिकों के अनुसार, दिमाग के संकेत पर नसें सिकुड़ जाती हैं ताकि गीली सतह पर हमारी पकड़ मजबूत हो सके। यह प्रक्रिया स्वस्थ शरीर और सक्रिय नसों का संकेत है।

एग फ्रीजिंग: मां बनने के लिए क्या है सही उम्र? जानें कितना आता है खर्चा

एग फ्रीजिंग: मां बनने के लिए क्या है सही उम्र? जानें कितना आता है खर्चा

एग फ्रीजिंग उन महिलाओं के लिए बेहतर विकल्प है जो करियर या अन्य कारणों से देरी से मां बनना चाहती हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, 20 से 35 साल की उम्र इसके लिए सबसे उपयुक्त है। भारत में इसका खर्च करीब 1 से 3 लाख रुपये तक आता है, जिससे भविष्य में गर्भधारण की संभावना सुरक्षित रहती है।

क्या बियर पीने से खत्म हो जाती है पथरी? जाने एक्सपर्ट की राय

क्या बियर पीने से खत्म हो जाती है पथरी? जाने एक्सपर्ट की राय

कई लोग मानते हैं बियर पीने से पथरी (स्टोन) निकल जाती है, क्योंकि इससे पेशाब ज्यादा आता है। लेकिन एक्सपर्ट डॉ. दीपेश कालरा का कहना है 5mm से छोटे स्टोन कभी-कभी पेशाब के साथ निकल सकते हैं, लेकिन बड़े स्टोन फंसने से तेज दर्द और इन्फेक्शन हो सकता है। इसलिए पथरी के इलाज के लिए बियर नहीं, डॉक्टर की सलाह लें।

आखिर मकर सक्रांति पर खिचड़ी ही क्यों खाते है?

आखिर मकर सक्रांति पर खिचड़ी ही क्यों खाते है?

मकर संक्रांति पर खिचड़ी खाने की शुरुआत बाबा गोरखनाथ ने की थी। साधुओं को ताकत देने के लिए उन्होंने दाल, चावल और सब्जियाँ मिलाकर इसे बनाया था। ज्योतिष के हिसाब से खिचड़ी दान करने से ग्रहों के दोष दूर होते हैं और सूर्य देव खुश होते हैं। यह सात्विक भोजन शरीर को ऊर्जा देता है और इस वजह से सक्रांति पर खिचड़ी खाई जाती है।

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