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SIM Card का एक कोना कटा क्यों होता है?

SIM Card का एक कोना कटा क्यों होता है?

सिम कार्ड का कोना खास वजह से कटा होता है ताकि उसे फोन में गलत तरीके से न लगाया जा सके। पहले सिम चौकोर होते थे, जिससे लोग भ्रमित हो जाते थे। इस कट की मदद से यूजर सही स्थिति पहचान कर आसानी से सिम स्लॉट में फिट कर पाते हैं।

GK: देश के इन राज्यों में रहे सबसे ज्यादा कुंवारे मुख्यमंत्री?

GK: देश के इन राज्यों में रहे सबसे ज्यादा कुंवारे मुख्यमंत्री?

भारत के कई राज्यों में ऐसे मुख्यमंत्री रहे हैं जिन्होंने अविवाहित रहकर जीवन जनसेवा को समर्पित किया। UP इसमें सबसे आगे है, जहाँ मायावती और योगी आदित्यनाथ जैसे प्रभावशाली नेता रहे। वहीं, ओडिशा के नवीन पटनायक और बंगाल की ममता बनर्जी ने अपनी अविवाहित स्थिति को ‘वंशवाद’ खत्म करने का जरिया बताया। जयललिता, मनोहर लाल खट्टर और सर्बानंद सोनोवाल भी इसी सूची में शामिल हैं।

जानें क्यों 700 साल से दरगाह पर मनाई जा रही है बसंत पंचमी

जानें क्यों 700 साल से दरगाह पर मनाई जा रही है बसंत पंचमी

दिल्ली की हजरत निजामुद्दीन औलिया दरगाह पर बसंत पंचमी का त्योहार अनोखे अंदाज में मनाया जाता है। इतिहास के अनुसार, अपने भांजे की मृत्यु से दुखी निजामुद्दीन औलिया को खुश करने के लिए उनके शिष्य अमीर खुसरो ने पीले वस्त्र पहनकर और सरसों के फूल लेकर गीत गाए थे। तब से आज तक यहाँ बसंत के दिन पीली चादर और फूलों का इस्तेमाल कर जश्न मनाया जाता है।

तलाक के बाद महिलाओं का संघर्ष

तलाक के बाद महिलाओं का संघर्ष

तलाक के बाद महिलाओं को भावनात्मक और सामाजिक भेदभाव का सामना करना पड़ता है, जहाँ उन्हें सहानुभूति के बजाय ताने मिलते हैं। आर्थिक आत्मनिर्भरता और परिवार का साथ इस कठिन दौर में नई शुरुआत के लिए बेहद जरूरी है ताकि वे अकेलेपन और डिप्रेशन से उबर सकें।

News Source: नवभारत
बसंत पंचमी पर मां सरस्वती को लगाएं इन 5 पीली मिठाइयों का भोग

बसंत पंचमी पर मां सरस्वती को लगाएं इन 5 पीली मिठाइयों का भोग

बसंत पंचमी के पावन अवसर पर विद्या की देवी मां सरस्वती को पीले रंग का भोग लगाना बेहद शुभ माना जाता है। इस खास दिन को और भी मिठास भरा बनाने के लिए आप केसरिया भात, बूंदी के लड्डू, केसरिया खीर, मालपुआ और बेसन बर्फी जैसे पारंपरिक व्यंजन घर पर ही बना सकते हैं।

News Source: आज तक
बसंत पंचमी 2026: मां सरस्वती की पूजा में भूलकर भी न करें ये गलतियां

बसंत पंचमी 2026: मां सरस्वती की पूजा में भूलकर भी न करें ये गलतियां

बसंत पंचमी के पावन पर्व पर मां सरस्वती की आराधना का विशेष महत्व है, लेकिन पूजा के दौरान कुछ सावधानियां बरतनी जरूरी हैं। इस दिन काले कपड़े पहनने, मांस-मदिरा के सेवन और पेड़-पौधों को काटने से बचना चाहिए। मान्यताओं के अनुसार, सात्विकता का पालन न करने और बड़ों का अपमान करने से ज्ञान की देवी अप्रसन्न हो सकती हैं।

News Source: आज तक
पुराने समय में लंबे बाल क्यों रखते थे पुरुष?

पुराने समय में लंबे बाल क्यों रखते थे पुरुष?

प्राचीन काल में पुरुषों के लंबे बाल केवल फैशन नहीं, बल्कि शक्ति, स्वतंत्रता और वीरता के प्रतीक थे। योद्धा और स्वतंत्र नागरिक इन्हें अपनी प्रतिष्ठा मानते थे, जबकि गुलामों के बाल काट दिए जाते थे। भारतीय और यूरोपीय सभ्यताओं में बालों को व्यक्तित्व और आध्यात्मिक ऊर्जा से जोड़कर देखा जाता था।

प्राचीन काल में पुरुष क्यों रखते थे लंबे बाल? जानें पीछे का राज

प्राचीन काल में पुरुष क्यों रखते थे लंबे बाल? जानें पीछे का राज

पुराने समय में पुरुषों के लंबे बाल रखने के पीछे गहरा वैज्ञानिक और आध्यात्मिक आधार था। बाल सौर ऊर्जा के संवाहक माने जाते थे, जो मस्तिष्क तक विटामिन-D और पोषण पहुँचाने में मदद करते थे। इसे शरीर का एक ‘प्राकृतिक एंटीना’ माना जाता था, जो एकाग्रता और मानसिक शक्ति बढ़ाता था। ऋषियों और योद्धाओं के लिए लंबे बाल पौरुष, शक्ति और ब्रह्मांडीय ऊर्जा से जुड़ाव का प्रतीक थे।

बसंत पंचमी 2026: हिंदू ही नहीं, मुस्लिम और सिख भी मनाते हैं यह त्योहार

बसंत पंचमी 2026: हिंदू ही नहीं, मुस्लिम और सिख भी मनाते हैं यह त्योहार

बसंत पंचमी केवल हिंदुओं का ही नहीं, बल्कि गंगा-जमुनी तहजीब का प्रतीक है। सूफी परंपरा में अमीर खुसरो के समय से ही दरगाहों पर पीले फूल चढ़ाने का रिवाज है। वहीं सिख समुदाय इसे महाराजा रणजीत सिंह के समय से भव्यता के साथ मनाता आ रहा है, जो इसकी व्यापक सांस्कृतिक महत्ता को दर्शाता है।

ट्रेन में ले जा सकते है शराब? जानें कितनी बोतल की है इजाजत

ट्रेन में ले जा सकते है शराब? जानें कितनी बोतल की है इजाजत

रेलवे नियमों के अनुसार, आप ट्रेन में अधिकतम 2 लीटर तक शराब ले जा सकते हैं, लेकिन ध्यान रहे सभी बोतलें सील बंद होनी चाहिए। बिहार और गुजरात राज्यों में ट्रैन में शराब ले जाना कानूनी अपराध है। नियमों तोड़ने पर आपको 6 महीने तक की जेल या 500 से 1000 रुपये तक का जुर्माना या फिर दोनों हो सकते हैं।

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