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एक दिन में कितने कप कॉफी पीना है सही?

एक दिन में कितने कप कॉफी पीना है सही?

सेहत के लिए एक दिन में 3 से 4 कप कॉफी पीना सुरक्षित माना जाता है। सीमित मात्रा में यह दिल की बीमारियों और डायबिटीज के खतरे को कम करती है, लेकिन ज्यादा कैफीन से अनिद्रा, घबराहट और पाचन की समस्या हो सकती है। विशेषज्ञ संतुलित सेवन और रात में कॉफी न पीने की सलाह देते हैं।

इंस्टाग्राम पर नहीं बढ़ रहे फॉलोअर्स? आजमाएं ये खास ट्रिक्स

इंस्टाग्राम पर नहीं बढ़ रहे फॉलोअर्स? आजमाएं ये खास ट्रिक्स

इंस्टाग्राम पर केवल रील्स डालना काफी नहीं है, कंटेंट की क्वालिटी और टाइमिंग सबसे ज्यादा मायने रखती है। अपनी रील्स में ट्रेंडिंग म्यूजिक का इस्तेमाल करें, सही हैशटैग लगाएं और फॉलोअर्स के साथ एंगेजमेंट बढ़ाएं। साथ ही, अपनी प्रोफाइल को प्रोफेशनल लुक दें और कंसिस्टेंसी बनाए रखें, तभी आपकी प्रोफाइल तेजी से ग्रो करेगी।

पेनड्राइव: डेटा ट्रांसफर के अलावा भी हैं कई काम, जानें

पेनड्राइव: डेटा ट्रांसफर के अलावा भी हैं कई काम, जानें

आपकी पेनड्राइव सिर्फ डेटा स्टोर करने के काम नहीं आती, बल्कि यह विंडोज पीसी की रैम बढ़ाकर उसे सुपरफास्ट बना सकती है। इसके जरिए आप कंप्यूटर को लॉक करने के लिए ‘फिजिकल की’ बना सकते हैं और बिना इंटरनेट के किसी भी सिस्टम में अपना पोर्टेबल सॉफ्टवेयर चला सकते हैं। ये स्मार्ट हैक्स आपके डेली टेक लाइफ को बेहद आसान और सुरक्षित बना देंगे।

News Source: नवभारत
‘लव इंश्योरेंस’ ने महिला को बनाया लखपति, जानें क्या है स्कीम

‘लव इंश्योरेंस’ ने महिला को बनाया लखपति, जानें क्या है स्कीम

चीन की एक महिला ने सालों पहले ‘लव इंश्योरेंस’ पॉलिसी ली थी, जिसमें शर्त थी कि अगर वह अपने प्रेमी से ही शादी करेगी तो उसे मोटी रकम मिलेगी। शादी होते ही उसे करीब 11 लाख रुपये मिले। यह पॉलिसी कपल्स के बीच वफादारी और प्यार को बढ़ावा देने के लिए चर्चा में है।

सिर्फ एक ‘अफवाह’ की वजह से पड़ा ग्रीनलैंड का नाम, रोचक है इसके पीछे का इतिहास

सिर्फ एक ‘अफवाह’ की वजह से पड़ा ग्रीनलैंड का नाम, रोचक है इसके पीछे का इतिहास

ग्रीनलैंड दुनिया का सबसे बड़ा द्वीप है, जिसका 80% हिस्सा बर्फ से ढका है। इसका नाम ‘ग्रीनलैंड’ 10वीं शताब्दी में नॉर्वे के नाविक एरिक द रेड ने रखा था। इतिहास के अनुसार, एरिक ने लोगों को इस ठंडी जगह पर रहने के लिए आकर्षित करने के उद्देश्य से इसे ‘ग्रीनलैंड’ (हरा भरा देश) का नाम दिया था, ताकि लोग इसे उपजाऊ समझकर यहाँ बसने चले आएं।

काला सच: इस देश में गर्भपात कराने पर मिलती थी सजा

काला सच: इस देश में गर्भपात कराने पर मिलती थी सजा

रोमानिया के इतिहास में एक ऐसा दौर था जब वहां की सरकार ने जनसंख्या बढ़ाने के लिए गर्भपात पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया था। निकोलाई चाउसेस्कु के शासन में महिलाओं के लिए गर्भपात कराना एक गंभीर अपराध माना जाता था। इस सख्त कानून का मुख्य उद्देश्य देश की आबादी में रिकॉर्ड इजाफा करना था, जिसके परिणाम काफी भयावह रहे थे।

Vastu Tips: घर में ऊंट की मूर्ति लाएगी सुख-समृद्धि और तरक्की

Vastu Tips: घर में ऊंट की मूर्ति लाएगी सुख-समृद्धि और तरक्की

वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर या दफ्तर में ऊंट की मूर्ति रखना बेहद शुभ माना जाता है। इसे उत्तर-पश्चिम दिशा में रखने से करियर और व्यापार में आ रही बाधाएं दूर होती हैं और आर्थिक स्थिति मजबूत होती है। बेहतर परिणामों के लिए ऊंट का जोड़ा रखना और उसका मुख अंदर की ओर होना चाहिए।

News Source: नवभारत
क्या आपको पता है? ‘बैंक’ को हिंदी में आखिर क्या कहते हैं

क्या आपको पता है? ‘बैंक’ को हिंदी में आखिर क्या कहते हैं

अक्सर हम अपनी रोजमर्रा की जिंदगी में ‘बैंक’ शब्द का इस्तेमाल तो खूब करते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि शुद्ध हिंदी में इसे ‘अधिविष’ या ‘अधिकोष’ कहा जाता है? यह एक ऐसा वित्तीय संस्थान है जहाँ जनता की पूंजी जमा की जाती है और जरूरत पड़ने पर ऋण उपलब्ध कराया जाता है।

GK : वकील काला और डॉक्टर सफेद कोट क्यों पहनते हैं?

GK : वकील काला और डॉक्टर सफेद कोट क्यों पहनते हैं?

डॉक्टरों का सफेद कोट और वकीलों का काला कोट उनके पेशे की गरिमा और जिम्मेदारी का प्रतीक है। स्वच्छता और भरोसे के लिए डॉक्टरों ने सफेद रंग अपनाया, जो मरीजों को शांति का अहसास कराता है। वहीं, वकीलों का काला कोट ब्रिटेन के राजा की मृत्यु पर शोक के रूप में शुरू हुआ, जो अब कानून की गंभीरता और निष्पक्षता की पहचान बन चुका है।

सोते समय मुंह से लार निकलना क्या किसी गंभीर बीमारी का संकेत है? जानें

सोते समय मुंह से लार निकलना क्या किसी गंभीर बीमारी का संकेत है? जानें

सोते समय मुंह से लार टपकना एक सामान्य प्रक्रिया लग सकती है, लेकिन कई बार यह स्वास्थ्य समस्याओं का संकेत भी हो सकता है। एसिड रिफ्लक्स, स्लीप एपनिया या इन्फेक्शन इसके मुख्य कारण हो सकते हैं। अगर यह समस्या लगातार बनी रहे, तो इसे नजरअंदाज करने के बजाय डॉक्टरी सलाह लेना जरूरी है ताकि समय पर उपचार हो सके।

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