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उम्र छोटी पर रुतबा बड़ा! दुनिया में सिर्फ इतने ही हैं ’30 से कम’ वाले अरबपति

उम्र छोटी पर रुतबा बड़ा! दुनिया में सिर्फ इतने ही हैं ’30 से कम’ वाले अरबपति

दुनिया में अमीरी का खेल अब युवाओं के हाथ में है! आपको जानकर हैरानी होगी कि 30 साल से कम उम्र के महज मुट्ठी भर लोग ही दुनिया के अरबपतियों की फेहरिस्त में अपनी जगह बना पाए हैं। इनमें विरासत में मिली दौलत और खुद के दम पर खड़े किए गए बिजनेस वाले ‘लकी’ नौजवान शामिल हैं।

पौष पूर्णिमा 2026: कब है स्नान-दान का महासंयोग?

पौष पूर्णिमा 2026: कब है स्नान-दान का महासंयोग?

हिंदू धर्म में मोक्षदायिनी मानी जाने वाली पौष पूर्णिमा साल 2026 में 3 जनवरी को मनाई जाएगी। इस दिन पवित्र नदियों में डुबकी लगाने और दान-पुण्य करने से कष्टों से मुक्ति मिलती है। पूर्णिमा तिथि 2 जनवरी की शाम से शुरू होकर अगले दिन शाम तक रहेगी, इसलिए उदया तिथि के अनुसार व्रत और स्नान 3 जनवरी को ही श्रेष्ठ है।

News Source: न्यूज़ 18
साल की आखिरी विनायक चतुर्थी आज, जानें गणेश पूजा का शुभ मुहूर्त और राहुकाल का समय

साल की आखिरी विनायक चतुर्थी आज, जानें गणेश पूजा का शुभ मुहूर्त और राहुकाल का समय

आज 24 दिसंबर, बुधवार को साल की अंतिम विनायक चतुर्थी मनाई जा रही है। गणेश जी की कृपा पाने के लिए दोपहर 11:19 से 1:11 बजे तक पूजा का सबसे श्रेष्ठ मुहूर्त है। आज पौष शुक्ल चतुर्थी तिथि दोपहर 1:11 बजे तक रहेगी, जिसके बाद पंचक भी शुरू हो रहे हैं। आज दोपहर 12:20 से 1:37 बजे तक राहुकाल रहेगा!

News Source: न्यूज़ 18
रूह कंपा देगी यह परंपरा! जहां मृत बच्चों को पेड़ों के अंदर दफनाते हैं लोग

रूह कंपा देगी यह परंपरा! जहां मृत बच्चों को पेड़ों के अंदर दफनाते हैं लोग

इंडोनेशिया की तोराजा जनजाति की परंपरा देख आप दंग रह जाएंगे। यहाँ अगर किसी मासूम बच्चे की मौत हो जाती है, तो उसे जमीन में नहीं बल्कि जीते-जागते पेड़ों के तने में छेद करके दफनाया जाता है। मान्यता है कि जैसे-जैसे पेड़ बड़ा होगा, बच्चा भी हवा के जरिए स्वर्ग की ओर बढ़ेगा।

अरावली की सबसे ऊँची चोटी कौनसी सी है? जाने

अरावली की सबसे ऊँची चोटी कौनसी सी है? जाने

अभी-अभी सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद अरावली घाटी की चर्चा काफी तेज हो गई है। आपको बता दे की अरावली पहाड़ी दुनिया की सबसे पुरानी पहाड़ी श्रृंखला में से एक है, जिसका सबसे ऊंचा स्थान राजस्थान के माउंट आबू में स्थित ‘गुरु शिखर’ है। इस घाटी को संतो की चोटी भी कहते है। इस घाटी पर गुरु दत्तात्रेय ने तपस्या की थी।

सुखी पार्टनर के लिए साइकोलॉजी का तगड़ा नुस्खा, बस ये बातें मान लीं तो प्यार कभी नहीं होगा कम!

सुखी पार्टनर के लिए साइकोलॉजी का तगड़ा नुस्खा, बस ये बातें मान लीं तो प्यार कभी नहीं होगा कम!

रिश्ते में कड़वाहट दूर करने के लिए मनोविज्ञान कहता है कि पार्टनर की बात दिल से सुनें और एक-दूसरे को स्पेस दें। छोटी-छोटी खुशियों को सेलिब्रेट करना और बहस के वक्त शांत रहना ही खुशहाल रिश्ते की चाबी है। अगर आप भी अपने पार्टनर के साथ तालमेल बिठाना चाहते हैं, तो व्यवहार में ये छोटे बदलाव लाएं।

सावधान! ‘साइलेंट कॉल’ के नए जाल में फंस रहे लोग, आपकी एक गलती और बैंक खाता हो जाएगा साफ

सावधान! ‘साइलेंट कॉल’ के नए जाल में फंस रहे लोग, आपकी एक गलती और बैंक खाता हो जाएगा साफ

आजकल ठगों ने ‘साइलेंट कॉल’ का नया पैंतरा चला है। अनजान नंबर से फोन आएगा, आप उठाएंगे तो कोई बोलेगा नहीं, लेकिन इसी दौरान आपका डेटा हैक किया जा सकता है। ऐसे कॉल्स पर ‘हेलो-हेलो’ करने की बजाय तुरंत काट दें और कॉल बैक तो भूलकर भी न करें, वरना आपकी मेहनत की कमाई पर डाका पड़ सकता है।

मुगल खानदान का वो शहंशाह जिसके पास था अंधा पैसा, कुबेर के खजाने को भी दे दे मात!

मुगल खानदान का वो शहंशाह जिसके पास था अंधा पैसा, कुबेर के खजाने को भी दे दे मात!

इतिहास के पन्ने पलटें तो पता चलता है कि अकबर सबसे अमीर मुगल बादशाह था। उसके दौर में भारत की जीडीपी दुनिया में डंका बजाती थी। अकबर के पास इतना सोना-चांदी और बेशकीमती जवाहरात थे कि आज के बड़े-बड़े अरबपति भी उसके सामने फीके नजर आएंगे। उसकी दौलत और शानो-शौकत का उस दौर में कोई सानी नहीं था।

वेदों में छिपा है नारी सम्मान का सच: क्या वाकई गलत रिश्ता ढोने की सलाह देता है धर्म?

वेदों में छिपा है नारी सम्मान का सच: क्या वाकई गलत रिश्ता ढोने की सलाह देता है धर्म?

समाज में फैला भ्रम दूर करते हुए वेदों की असलियत सामने आई है। वेद कतई नहीं कहते कि महिलाएं अपमानजनक शादियां सहें। इसके उलट, सनातन धर्म नारी को शक्ति का रूप मानता है और उसे अपनी गरिमा व अधिकारों के लिए खड़े होने की पूरी आजादी देता है। अपमान सहना धर्म नहीं, बल्कि वेदों की शिक्षा के खिलाफ है।

बाल धोने के पुराने नियम और उनका रहस्य

बाल धोने के पुराने नियम और उनका रहस्य

पुराने समय में बाल धोने को लेकर बड़े सख्त नियम थे, क्योंकि इसे केवल साफ-सफाई नहीं बल्कि शरीर की ऊर्जा और सेहत से जोड़कर देखा जाता था। रोज सिर धोने से शरीर की ‘प्राण शक्ति’ कम होने का डर रहता था। आज के विज्ञान के हिसाब से भी ज्यादा शैंपू बालों का नेचुरल तेल छीन लेता है।

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